खेलो बनारस 2021 की परिकल्पना

"खेलो इंडिया" देश में खेलों के विकास का एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसी तर्ज पर वाराणसी के जिलाधिकारी महोदय तथा मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने 'खेलो बनारस 2021' की परिकल्पना को सामने रखा। इस माध्यम से वे बनारस को स्वस्थ, मस्त व प्रसन्न बनाना चाहते हैं। साथ ही साथ 'खेलो बनारस 2021' का लक्ष्य हर गांव, कस्बे से प्रतिभाओं को तलाशना व तराशना है, जिससे वे आगे चलकर खेल के सर्वोच्च स्तर पर जनपद बनारस, उत्तर प्रदेश तथा देश का नाम रोशन कर सकें। मोदी जी के द्वारा भी खेलों के विकास के लिए बनारस के खेल मैदानों को कई परियोजनाओं की सौगात दी गई है। इस परिकल्पना के तहत युवा कल्याण व प्रांतीय रक्षक दल ने एक दिन पूरे बनारस के हर गांव, हर कस्बे में एक साथ 'खेलो बनारस 2021' के आयोजन से शुरुआत करने का लक्ष्य रखा। इसके लिए 21 अक्टूबर 2021 का दिन निर्धारित किया गया। यह प्रतियोगिता जनपद के प्रत्येक ग्राम स्तर, न्याय पंचायत स्तर, विकास क्षेत्र से लेकर जनपद स्तर तक आयोजित की जा रही है।

विभागीय विवरण

ग्रामीणों में आत्म बल एवं सांप्रदायिक सौहार्द स्थापित करने, उन्हें आत्मनिर्भरता एवं अनुशासन की आदत डालने तथा आत्म सुरक्षा एवं अपराधों की रोकथाम के उद्देश्य से वर्ष 1947 में प्रांतीय रक्षक दल का गठन किया गया था। वर्ष 1952 में काउंसिल ऑफ फिजिकल कल्चर को प्रांतीय रक्षक दल में विलीन कर दिया गया, जिसके फलस्वरूप ग्रामीण खेलकूद, व्यायामशालाओं के माध्यम से शारीरिक संवर्द्धन का कार्य एवं युवा आंदोलन को सुदृढ़ करने का कार्य प्रारंभ किया गया।
प्रांतीय रक्षक दल के गठन का उद्देश्य रचनात्मक प्रगति एवं सांप्रदायिक भेदभाव रहित युवा स्वयंसेवकों का एक शक्तिशाली एवं सुसंगठित संगठन सरकारी प्रेरणा से स्थापित करना था। जिससे ग्रामीणों में आत्म बल और सांप्रदायिक मेलजोल बढ़े और समस्त जनता में आत्म-सुरक्षा आत्मनिर्भरता, अनुशासन की भावना आये तथा अपराधों की रोकथाम हो सके और उन्हें तदनुसार अभ्यस्त भी किया जा सके।

कार्यक्रम के उद्देश्य:

१) सभी आयु वर्ग के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर प्रदेश सरकार की योजना के अंतर्गत निर्धारित खेल विधाओं में ब्लॉक एवं जनपद स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन कराना तथा जनपद स्तरीय विजय खिलाड़ियों को मंडल एवं राज्य स्तर पर प्रतिभाग कराया जाना।
२) युवाओं को समाज के प्रति संवेदनशील बनाना, उनका सर्वांगीण विकास करना, उनके अंदर नेतृत्व के गुणों का विकास करना, सामाजिक दायित्वों का बोध कराना तथा उनमें देश प्रेम एवं राष्ट्रभक्ति का भाव उत्पन्न कराना।
३) सांस्कृतिक क्षेत्र की ग्रामीण प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा का उच्च स्तरीय प्रदर्शन करने तथा प्रदेश का गौरव बढ़ाए जाने हेतु भारत सरकार द्वारा निर्धारित विधाओं में राज्य स्तरीय युवा उत्सव तथा राष्ट्रीय युवा उत्सव में प्रतिभाग कराया जाना।